आयुर्वेदिक दवाओं की डीलरशिप देने के नाम पर 40 लाख की ठगी करने वाला गिरफ्तार

इंदौर. आयुर्वेदिक दवाओं की डीलरशिप देने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक शातिर बदमाश को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नामी कंपनियों की दवाओं की डिलरशिप देकर लोगों से ठगी कर रहा था। उसके खाते में क्राइम ब्रांच को 40 लाख का ट्रांजेक्शन भी मिला है। इसके ऑफिस से 3 कम्प्यूटर, 10 मोबाइल व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।


एएसपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि कुछ दिन पूर्व आयुष श्रीवास्तव निवासी गोमतीगनर लखनऊ ने शिकायत की थी कि आरोग्यांजलि आयुर्वेदिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कपिल करदिले निवासी एलआईजी काॅलोनी ने कंपनी की डीलरशीप देने का प्रलोभन दिया था। इसके लिए उसने 3 लाख रुपए जमा करवाए थे। डीलरशिप के दस्तावेज देकर उसने ना तो आयुर्वेद दवाइयों का माल उसे दिया ना ही उसके द्वारा जमा करवाए गए 3 लाख रुपए लौटाए।


बीसीएम हाइट्स में था ऑफिस


मामले में टीम ने जांच की तो पता चला की आरोग्यांजलि आयुर्वेदिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक कपिल करदिले एवं उसके अन्य साथियों द्वारा बीसीएम हाईट्स में ऑफिस खोलकर लोगों को डीलरशिप देकर उनसे धोखाधड़ी का धंधा संचालित किया जा रहा था। ये आरोपी सेल्स तथा अन्य प्रकार के फायदों का प्रलोभन देकर कई लोगों से लाखों रुपए ऐंठ चुके थे। कई लोग द्वारा इनके खिलाफ शिकायतें भी की गई थीं। आरोपी कपलि करदिले द्वारा फर्जी दस्तावेजों पर उक्त कंपनी के नाम से डीलर नियुक्त कर लोगों से रुपए लिए गए थे। इन रुपयों का आरोपी कपिल निजी कामों में उपयोग कर लेता था। इसके द्वारा मयंक तिवारी, रोहित मंधान, महेश महतो एवं अन्य के साथ ऐसी ही धोखाधड़ी की गई है। शिकायत के बाद आरोपी ने बीसीएम हाईट्स का ऑफिस बंद कर दिया और कंपनी का नाम बदलकर आरोग्य ऋषि नाम से फर्जी संस्था खोल थी। इसमें भी वह लोगों को ऐसे ही झांसे में ले रहा था।


ठगी के बाद कंपनी नाम और पता बदल लिया


एएसपी दंडोतिया ने बताया कि आरोपी कपिल ने बताया कि 2016 में उसने आरोग्यांजलि आयुर्वेदिक प्राइवेट लिमिटेड खोली थी, जो रजिस्टर्ड थी। बीसीएम हाईट्स बिल्डिंग में इसका ऑफिस खोला था, लेकिन 2019 तक ठगी की कई वारदातें करने के बाद इसका नाम बदलकर आरोग्य ऋषि नामक संस्था बना ली। इसका संचालन वह साईं संपदा बिल्डिंग विजयनगर में कर रहा था। इसी संस्था के नाम पर लोगों को डीलरशीप देने का लालच देकर वह देश के कई शहरों में लोगों से मोटी रकम ऐंठ चुका है।


इनसे की ठगी


महेश महतो निवासी गाजियाबाद से 2 लाख 35 हजार, विशाल गलाटे औरंगाबाद से 1 लाख, आयुष श्रीवास्तव लखनउ से 3 लाख, रोहित मदान निवासी करनाल से 2 लाख, मयंक तिवारी लखनऊ से 1 लाख, सतीष निवासी गुजरात से 2 लाख 50 हजार, राजीव निवासी मुरादाबाद से 1 लाख 25 हजार, लक्ष्मीकांत निवासी प्रयागराज से 1 लाख, अन्नू निवासी बाम्बे से 1 लाख 83 हजार, अजय भान निवासी दिल्ली से 1 लाख, आनंद निवासी रांची, 2 लाख, अमन निवासी दिल्ली से 80 हजार, प्रदीप चंदेल निवासी चंडीगढ से 85 हजार, विजय निवासी राजस्थान से 80 हजार रमेष गिररी व धर्मेन्द्र निवासी उदयपुर से 80-80 हजार रुपये की ठगी की है। आरोपी ग्रेजुएट है और पूर्व में एचडीएफसी बैंक में नौकरी करता था।


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