भोपाल इज्तिमा 2024 : मक्का-मदीना की गलियों में दी जा रही इज्तिमा की दावत, 29 नवंबर से शुरू होगा मजहबी समागम
✍️सप्तग्रह रिपोर्टर
भोपाल। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े मजहबी समागम आलमी तबलीगी इज्तिमा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। भोपाल के ईंटखेड़ी में होने वाले इस आयोजन को लेकर देश ही नहीं, दुनिया के अन्य मुल्कों में भी उत्साह है। सऊदी अरब में उमराह के सफर पर पहुंचे भारतीय श्रद्धालु भी लोगों को इस इज्तिमा में शामिल होने की दावत दे रहे हैं।
29 नवंबर से शुरू होगा आयोजन
ईंटखेड़ी स्थित इज्तिमागाह में लाखों जमातियों के लिए ठहरने, बैठने और अन्य सुविधाओं की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। स्थायी और अस्थायी टॉयलेट, वजूखाने, खानपान के जोन, पार्किंग व्यवस्था, और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, और एयरपोर्ट से इज्तिमागाह तक पहुंचने के लिए यातायात का रोडमैप भी तैयार है। वालंटियर्स और प्रशासनिक दल आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मक्का-मदीना में भी चर्चा
भोपाल इज्तिमा की चर्चा सऊदी अरब के मक्का और मदीना तक पहुंच चुकी है। उमराह पर गए भोपाल और मध्य प्रदेश के श्रद्धालु भी इसका प्रचार कर रहे हैं। भोपाल से उमराह पर गए जाहिद मंसूरी और उनके परिवार में भी इस आयोजन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
दीनी तकरीरें और संदेश
चार दिन तक चलने वाले इस आलमी इज्तिमा में दुनियाभर से आए उलेमा तबलीग के छह बिंदुओं पर तकरीर करेंगे। इन तकरीरों में सामाजिक और राजनीतिक विषयों से अलग केवल दीनी और आध्यात्मिक बातें होती हैं।
इतिहास और महत्व
1947 में भोपाल की मस्जिद शकूर खान में महज 13 लोगों के साथ शुरू हुआ यह आयोजन अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मजहबी समागम बन चुका है। हज और बांग्लादेश इज्तिमा के बाद, भोपाल इज्तिमा को तीसरा स्थान प्राप्त है। 2005 से यह आयोजन ईंटखेड़ी में हो रहा है, जहां हर साल 10 लाख से अधिक लोग शामिल होते हैं।
सामाजिक संदेश और प्रबंधन
इज्तिमा न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह कई सामाजिक संदेश भी देता है:
1. सादगी से निकाह: महंगी शादियों के रिवाज को रोकने के लिए आयोजन के पहले दिन सादगीपूर्ण निकाह कराए जाते हैं।
2. स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण:
प्लास्टिक और पॉलीथिन पर पाबंदी।
गीले और सूखे कचरे का आधुनिक तरीके से निष्पादन।
वेस्ट खाद्य पदार्थों से जैविक खाद बनाने की पहल।
3. नशा मुक्ति अभियान: इज्तिमागाह में सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू और गुटखा प्रतिबंधित।
4. सामाजिक समरसता: सस्ते दरों पर वेज और नॉन-वेज खाने की व्यवस्था।
5. स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन: लाखों लोगों और हजारों वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बेहतर ट्रैफिक नियंत्रण।
गिनीज बुक में स्थान
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में अपनी अनूठी पहल के कारण इस आयोजन ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी जगह बनाई है।
भोपाल इज्तिमा न केवल एक धार्मिक समागम है, बल्कि यह समाज के लिए अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत करता है।
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