मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा जबलपुर में साहित्यिक आयोजन: "सिलसिला एवं तलाशे जौहर"


डॉ. नुसरत मेहदी, निदेशक, उर्दू अकादमी

  • प्रो. अब्दुल बाक़ी सिद्दीक़ी को समर्पित काव्य और साहित्य विमर्श

✍️सप्तग्रह रिपोर्टर 

ध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग के अंतर्गत ज़िला अदब गोशा जबलपुर द्वारा 30 नवंबर शनिवार को "सिलसिला एवं तलाशे जौहर" के तहत एक विशेष साहित्यिक और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम प्रसिद्ध शायर और साहित्यकार अब्दुल बाक़ी सिद्दीक़ी की स्मृति को समर्पित है। यह आयोजन जबलपुर के श्री जानकी रमण महाविद्यालय में दोपहर 1:00 बजे से प्रारंभ होगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य

डॉ. नुसरत मेहदी, निदेशक, मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी ने बताया कि "सिलसिला" कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में साहित्यिक, काव्यात्मक और सांगीतिक गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य साहित्य और कला को बढ़ावा देना और उन प्रतिभाशाली साहित्यकारों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी रचनाओं से अदब की सेवा की है।

इस वर्ष "सिलसिला एवं तलाशे जौहर" कार्यक्रमों को संबंधित जिलों के दिवंगत रचनाकारों और स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित किया गया है। जबलपुर में आयोजित यह कार्यक्रम इसी कड़ी का ग्यारहवां पड़ाव है।

कार्यक्रम की संरचना

इस कार्यक्रम को दो सत्रों में विभाजित किया गया है:

1. तलाशे जौहर सत्र (दोपहर 1:00 बजे):

यह सत्र ज़िले के नए और उभरते रचनाकारों के लिए है।

इसमें तात्कालिक लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जहां युवा रचनाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

2. सिलसिला सत्र (दोपहर 3:00 बजे):

इस सत्र में विमर्श और रचना पाठ का आयोजन होगा।

सत्र की शुरुआत में जबलपुर के दिवंगत साहित्यकार अब्दुल बाक़ी सिद्दीक़ी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फ़ीरोज़ कमाल चर्चा करेंगे और उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद, आमंत्रित शायर और साहित्यकार अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे।

विशेष अतिथि और प्रतिभागी

कार्यक्रम में प्रदेश और स्थानीय स्तर के प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे:

विशिष्ट आमंत्रित शायर: सागर से अशोक मिज़ाज बद्र, छिंदवाड़ा से मुबीन ज़ामिन। 

स्थानीय साहित्यकार और शायर:

अब्दुल रशीद अरशद, फरोग़ हमीदी, शेख निज़ामी, तारिक़ निज़ामी, यूनुस अदीब, अजय मिश्रा अजय, शहनवाज़ मेहवर, रानू रूही, लता गुप्ता, वंदना सोनी, असद करबलाई, शादाब वारसी, और रघुनंदन शर्मा दानिश।

संचालन और समन्वय

कार्यक्रम का संचालन राशिद राही करेंगे, जो जबलपुर ज़िले के समन्वयक हैं। उन्होंने बताया कि यह आयोजन साहित्यकारों और शायरी प्रेमियों के लिए एक शानदार मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन कर सकेंगे।

आमंत्रण : निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने जबलपुर के सभी साहित्य प्रेमियों और काव्य में रुचि रखने वाले लोगों से आग्रह किया है कि वे इस विशेष आयोजन में भाग लेकर इसे सफल बनाएं।

बता दें कि यह कार्यक्रम उर्दू साहित्य के प्रचार-प्रसार और स्थानीय रचनाकारों को पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, यह दिवंगत साहित्यकारों की स्मृति को सजीव बनाए रखने का प्रयास भी है।




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