हिन्दुत्व के साथ सर्वधर्म समभाव : अजान के सम्मान में खांटी संघी मंत्री गौतम टेटवाल ने रोका भाषण

  • मोहन सरकार में मंत्री, उज्जैन जिले के प्रभारी और सारंगपुर के हैं विधायक टेटवाल 
@सियासत के रंग ✍️नौशाद कुरैशी 
ध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में राज्यमंत्री गौतम टेटवाल अपने विचारों और कार्यों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने एक ऐसी घटना से लोगों का ध्यान खींचा, जो राजनीति से परे जाकर आपसी सद्भावना और सम्मान का प्रतीक बन गई।

रविवार को गौतम टेटवाल सारंगपुर से विधायक होने के नाते मऊ में 55 लाख रुपये की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन और 49 लाख रुपये के अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन करने पहुंचे थे। देर शाम वे उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे, तभी किसी मस्जिद से अजान की आवाज सुनाई दी।


अजान का सम्मान करते हुए रुक गए मंत्री

अजान की आवाज सुनते ही मंत्री टेटवाल ने अपने भाषण को बीच में रोक दिया और मौन धारण कर लिया। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को पहले हैरान किया, लेकिन जैसे ही लोगों को कारण समझ आया, वे भी अजान के प्रति सम्मान दिखाने में जुट गए।

अजान समाप्त होने के बाद मंत्री टेटवाल ने अपनी बात फिर से शुरू की और कहा, "वो (ईश्वर) कहता है कि उससे डरो, वो एक है। नेक काम करो।" इसके बाद उन्होंने संस्कृत श्लोक, "सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्," का उच्चारण करते हुए बताया कि दुनिया में सबके सुखी और शांतिपूर्ण रहने की कामना हर धर्म करता है।

उन्होंने आगे कहा, "ला इलाहा इल्लल्लाह," और इस बात पर जोर दिया कि ईश्वर का संदेश हर किसी के लिए समान है, लेकिन इसे सुनने वाले कम हैं।

भाजपा नेता की अनूठी पहल

मंत्री गौतम टेटवाल का यह कदम भाजपा के अन्य नेताओं से अलग दिखाई दिया, क्योंकि आमतौर पर पार्टी के कई नेता अजान और मस्जिदों में लाउडस्पीकर को लेकर विवादों में रहते हैं। टेटवाल का यह व्यवहार उनकी सद्भावना और समरसता की भावना को दर्शाता है।


राजनीतिक और सामाजिक सफर

गौतम टेटवाल का राजनीतिक और सामाजिक जीवन बेहद सक्रिय और संघ की विचारधारा से प्रेरित रहा है। उन्होंने 1981 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में अपनी यात्रा शुरू की। वे विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं।

2008 में पहली बार विधायक बनने के बाद, 2023 में वे 16वीं विधानसभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए। उन्होंने 25 दिसंबर 2023 को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली।

जनता का सराहा कदम

मऊ की घटना ने जहां स्थानीय जनता को चकित किया, वहीं मंत्री टेटवाल की प्रशंसा भी की गई। कार्यक्रम के बाद लोग उनके इस कदम को सांप्रदायिक सद्भावना की मिसाल बताते हुए उनकी सराहना करते नजर आए।


जाहिर है कि मंत्री गौतम टेटवाल ने धार्मिक सहिष्णुता और सांप्रदायिक सद्भावना का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। अजान के प्रति उनके सम्मान ने दिखाया कि राजनीति से परे, सभी धर्मों और उनकी परंपराओं का आदर करना समाज में एकता और शांति को बढ़ावा देता है।

जहां कई बार राजनीतिक नेता विभाजनकारी बयान देते हैं, वहीं मंत्री टेटवाल का यह व्यवहार यह संदेश देता है कि सभी धर्म समान मूल्यों को साझा करते हैं, जैसे कि ईश्वर का आदर, नेक काम और मानवता के लिए सुख-शांति की कामना। उनके इस कदम ने यह सिद्ध किया कि नेतृत्व केवल भाषण देने में नहीं, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करने में भी है।





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