न्यायाधीश खान ने कहा- संविधान प्रदत्त अधिकारों से वंचित नहीं बंदी


  • बंदियों के अधिकारों पर विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न : उपजेल में जागरूकता की नई पहल

देपालपुर। उपजेल देपालपुर में गुरुवार 19 दिसंबर को बंदियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देपालपुर के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव के निर्देशन और जिला न्यायाधीश व तहसील विधिक सेवा समिति देपालपुर के अध्यक्ष हिदायत उल्ला खान के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर का उद्देश्य जेल में निरूद्ध बंदियों को उनके अधिकारों और उनके लिए उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने कहा कि भारतीय संविधान द्वारा सभी नागरिकों को मूलभूत अधिकार प्रदान किए गए हैं। इन अधिकारों का हनन केवल इसलिए नहीं किया जा सकता क्योंकि कोई व्यक्ति हिरासत में है। बंदियों को भी समान रूप से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने सरल और सटीक शब्दों में बंदियों को उनके अधिकारों के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।


बंदियों के अधिकारों पर चर्चा

जिला न्यायाधीश श्री खान ने बताया कि बंदियों को जेल के भीतर भी वांछित चिकित्सा उपचार, गुणवत्तापूर्ण भोजन, बिस्तर और अन्य सुविधाएं प्राप्त करने का अधिकार है। इसके साथ ही, उन्हें अपने परिजनों से निर्धारित समयांतराल में मुलाकात करने की सुविधा दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बंदियों के पास कोई अधिवक्ता नहीं है, वे जेल अधीक्षक के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता के लिए प्रार्थना पत्र भेज सकते हैं।

शिविर के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश

शिविर में जिला न्यायाधीश श्री खान ने जेल अधीक्षक से ठंड के मौसम में बंदियों को दिए जा रहे कंबल, बिस्तर और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि बंदियों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। बंदियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि उनके मौलिक अधिकार सुरक्षित रह सकें।

शिविर में उपस्थिति और सहभागिता

शिविर में लगभग 72 बंदियों ने भाग लिया और जागरूकता से संबंधित जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना। इस अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट सैय्यद दानिश अली, न्यायिक मजिस्ट्रेट रिजवाना कौसर, न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्या श्रीवास्तव, सहायक जेल अधीक्षक आर. एस. कुशवाह, एएसआई रामेश्वर झाड़िया, फिजियोथेरेपिस्ट शिवानी श्रीवास्तव, टेक्निकल असिस्टेंट इंदल राय, प्रहरी विवेक शर्मा, नायब नाजिर दिलीप यादव और अन्य जेल स्टाफ उपस्थित रहे।

उल्‍लेखनीय है कि शिविर का समापन जेल प्रशासन और बंदियों के बीच एक सकारात्मक संवाद के साथ हुआ। इस आयोजन ने न केवल बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया, बल्कि जेल प्रशासन को भी बंदियों के कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाने की प्रेरणा दी। यह शिविर जेल प्रशासन और न्यायपालिका के बीच समन्वय और बंदियों के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण बना।

गौरतलब है कि यह विधिक साक्षरता शिविर उपजेल देपालपुर में बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं को समझने की दिशा में एक सराहनीय पहल थी। इस तरह के प्रयास न केवल बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं, बल्कि न्यायिक और प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और मानवता को भी बढ़ावा देते हैं।



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