मोदी, चुनाव और तीर्थ यात्रा: जब-जब मोदी ने डुबकी लगाई, BJP उभरकर आई


@सियासत के रंग
: ✍️नौशाद कुरैशी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रणनीति का एक दिलचस्प पहलू उनके मतदान के दिन किसी न किसी तीर्थ स्थल की यात्रा करना है। बीते 11 वर्षों में, जब-जब देश में बड़े चुनाव हुए, तब-तब मोदी किसी धार्मिक स्थल पर दर्शन, पूजा या साधना करते नजर आए। दिलचस्प बात यह है कि इन मौकों पर BJP का प्रदर्शन भी अक्सर मजबूत रहा है।

सबसे ताजा उदाहरण 5 फरवरी 2025 का है, जब दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर मतदान हो रहा था, और उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान किया। भगवा वस्त्र, रुद्राक्ष की माला और सूर्य को अर्घ्य देते हुए मोदी की तस्वीरें मीडिया और सोशल मीडिया पर छा गईं। नतीजे 8 फरवरी को आए और BJP को 47 सीटों पर शानदार जीत मिली, जबकि आम आदमी पार्टी महज 23 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस, सपा और बसपा अपना खाता भी नहीं खोल पाईं।

यह पहला मौका नहीं था जब चुनाव के दिन मोदी ने किसी तीर्थ स्थल का रुख किया हो। आइए, सिलसिलेवार देखें कि कब-कब उन्होंने यह रणनीति अपनाई और BJP को कैसा फायदा हुआ—


मोदी की चुनावी तीर्थ यात्राएं और BJP का प्रदर्शन

1. हरियाणा विधानसभा चुनाव (5 अक्टूबर 2024): महाराष्ट्र के जगदंबा माता मंदिर में पूजा

हरियाणा में मतदान के दिन मोदी महाराष्ट्र के वाशिम जिले में जगदंबा माता मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और मंदिर में नगाड़ा बजाया।

नतीजा: BJP ने 90 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज कर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई।

2. लोकसभा चुनाव (1 जून 2024): विवेकानंद रॉक मेमोरियल में साधना

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में मोदी कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल में 45 घंटे तक ध्यान और साधना में लीन रहे।

नतीजा: 57 में से BJP को 18 सीटें मिलीं, और कुल 240 सीटों के साथ NDA ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई।

3. लोकसभा चुनाव (20 मई 2024): पुरी के जगन्नाथ मंदिर में पूजा

पांचवें चरण के मतदान के दिन मोदी पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे।

नतीजा: 49 सीटों में से BJP को 16 सीटें मिलीं।

4. लोकसभा चुनाव (13 मई 2024): पटना साहिब गुरुद्वारा में लंगर सेवा


मोदी ने पटना साहिब गुरुद्वारा में सेवा की, रोटियां बेलीं और श्रद्धालुओं को भोजन परोसा।

नतीजा: 96 में से BJP को 39 सीटें मिलीं।

5. लोकसभा चुनाव (5 मई 2024): अयोध्या राम मंदिर में पूजा

अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर में मोदी ने पूजा-अर्चना की और रोड शो किया।

नतीजा: 94 में से BJP को 57 सीटें मिलीं।

6. कर्नाटक विधानसभा चुनाव (10 मई 2023): राजस्थान के श्रीनाथजी मंदिर में पूजा

मोदी ने उदयपुर के श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन किए।

नतीजा: BJP को मात्र 66 सीटें मिलीं और कांग्रेस ने 135 सीटें जीतकर सरकार बनाई।

7. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (27 मार्च 2021): बांग्लादेश के मतुआ मंदिर में पूजा

मोदी ने बांग्लादेश के यशोश्वरी शक्ति पीठ और मतुआ मंदिर में पूजा की।

नतीजा: BJP को 77 सीटें मिलीं और वह पहली बार राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी बनी।

8. लोकसभा चुनाव (19 मई 2019): केदारनाथ में ध्यान

मोदी केदारनाथ की गुफा में 17 घंटे ध्यान में लीन रहे।

नतीजा: 59 में से BJP ने 36 सीटें जीतीं, और कुल 303 सीटों के साथ मोदी फिर से प्रधानमंत्री बने।

9. गुजरात विधानसभा चुनाव (12 दिसंबर 2017): अंबाजी मंदिर में पूजा

मोदी ने मेहसाणा के अंबाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की।

नतीजा: BJP ने 99 सीटें जीतीं और लगातार आठवीं बार सरकार बनाई।

10. यूपी विधानसभा चुनाव (8 मार्च 2017): सोमनाथ मंदिर में पूजा

मोदी ने सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजा की।

नतीजा: BJP ने 403 में से 312 सीटें जीतकर 15 साल बाद सत्ता में वापसी की।

11. असम विधानसभा चुनाव (11 अप्रैल 2016): केरल में मंदिर अग्निकांड के घायलों से मुलाकात

मोदी ने केरल के पुत्तिंगल मंदिर में अग्निकांड के घायलों से मुलाकात की।

नतीजा: BJP ने असम में पहली बार सरकार बनाई और 86 सीटों पर जीत दर्ज की।

  • चुनाव के दिन मोदी की तीर्थ यात्राओं का असर
  • दोनों लोकसभा चुनावों में BJP की जीत
  • 6 राज्यों में विधानसभा चुनावों के दौरान 4 में BJP की सरकार
  • कुल 1662 सीटों में से BJP ने 854 सीटें (52% स्ट्राइक रेट) जीतीं

राजनीतिक विश्लेषकों की राय


राजनीतिक विशेषज्ञ रशीद किदवई के अनुसार, "मोदी की तीर्थ यात्रा BJP के फ्लोटिंग वोटर्स (जो किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं) को प्रभावित करने का प्रयास है। इससे BJP के वोट बढ़ना तय होता है।"

इलेक्शन एनालिस्ट अमिताभ तिवारी मानते हैं कि "इस रणनीति से BJP के कोर वोटर्स का मनोबल बढ़ता है, जिससे उनका वोटिंग टर्नआउट भी बढ़ जाता है।"

हमारी नज़र: मोदी की तीर्थ यात्रा – धार्मिक आस्था या चुनावी रणनीति?

मोदी की तीर्थ यात्राओं का BJP की चुनावी सफलता से जुड़ाव महज संयोग है या एक सोची-समझी रणनीति? आंकड़े बताते हैं कि जब-जब मोदी ने तीर्थ स्थलों का रुख किया, तब-तब BJP को फायदा मिला। इससे उनके हिंदुत्व और धार्मिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को मजबूती मिलती है, जो पार्टी के कोर वोटर्स को संगठित करता है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में मिली जीत इस रणनीति की ताजा मिसाल है। अब देखना यह होगा कि इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनावों में मोदी किस तीर्थ स्थल का रुख करेंगे और क्या BJP फिर से सत्ता में वापसी करेगी?



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