शायरी और साहित्य का जश्न: डॉ. यूनुस फरहत की किताब "बयाज़े इश्क़" का रस्मे इजरा संपन्न


  • मुकीत मलिक मेमोरियल सोसायटी की बेहतरीन पेशकश

✍️नौशाद कुरैशी 

भोपाल। मुकीत मलिक मेमोरियल सोसायटी के ज़ेरे ऐहतमाम मशहूर शायर डॉक्टर यूनुस फरहत की किताब "बयाज़े इश्क़" के रस्मे इजरा का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठित शायर इकबाल मसूद ने की, जबकि संचालन का जिम्मा बद्र वास्ती ने बखूबी निभाया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर जबलपुर से तशरीफ लाए मशहूर शायर अहमद अल्वी और शेख निज़ामी ने अपनी मौजूदगी से कार्यक्रम की रौनक़ बढ़ाई। किताब के इजरा के बाद एक शानदार शायरी नशिस्त का भी आयोजन किया गया, जिसकी सदारत मशहूर शायर ज़फ़र सहबाई ने की, जबकि इस नशिस्त का संचालन आरिफ अली आरिफ ने किया।

इस महफ़िल में डॉक्टर यूनुस फरहत, खलील असलम कुरैशी, सरवर हबीब, एसएम सिराज, मुबारक शाहीन, सिराज आग़ाज़ी (जबलपुर), डॉ अंबर आबिद, बद्र वास्ती, सरवत जैदी, खालिद ग़नी, आरिफ हुसैन नक़वी जैसे नामचीन शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम पेश किए और महफ़िल को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम की समाप्ति पर सैफ मलिक ने सभी उपस्थित मेहमानों का आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम की शुरुआत में रईसा मलिक ने सभी मेहमानों का गर्मजोशी से इस्तक़बाल किया।

इस मौके पर विशेष अतिथि के तौर पर मोहम्मद माहिर, इनामुल्ला लोधी, डाॅ. क़मर अली शाह, रज़ा दुर्रानी, साजिद हसन, नवेद खलील, यूसुफ भाई, आज़म भाई, हाशिम उस सादिक़, डॉ. जावेद सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं ने इस साहित्यिक कार्यक्रम में शिरकत की और इसे सफल बनाया।



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