शिक्षा का असली सम्मान तभी है जब यह किसी और के काम आए: जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान
- ज्ञान के साथ सेवा का भाव जरूरी, तभी शिक्षा सार्थक होगी: सीनियर सिविल जज रिजवाना कौसर
- सात दिवसीय ग्रामीण शिविर का समापन समारोह उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न
✍️सप्तग्रह रिपोर्टर
भोपाल/इंदौर । आर.पी.एल. माहेश्वरी कॉलेज, इंदौर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा ग्राम गुलावट, हातोद में आयोजित सात दिवसीय ग्रामीण शिविर का समापन समारोह उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश देपालपुर, हिदायत उल्ला खान ने स्वयंसेवकों को शिक्षा के महत्व और उसकी सामाजिक उपयोगिता पर प्रेरक उद्बोधन दिया।
अपने संबोधन में न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति का माध्यम नहीं है, बल्कि इसे समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने शिक्षा के नैतिक एवं सामाजिक पहलुओं को रेखांकित करते हुए युवाओं को सेवा भावना से कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने स्वयंसेवकों को शिक्षा का सदुपयोग करने, सामाजिक कार्यों में योगदान देने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में सीनियर सिविल जज रिजवाना कौसर भी उपस्थित थीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा और समाज कल्याण की भावना को भी प्रोत्साहित करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों को शिक्षित होने के साथ-साथ समाज सेवा में योगदान देने और जरूरतमंदों की सहायता करने की प्रेरणा दी।
स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया
शिविर के समापन अवसर पर जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने स्वयंसेवकों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. चेतन जोशी, वरिष्ठ अधिवक्ता विजय नागर, अन्य आमंत्रित अतिथि एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
शिविर में चलाया सामाजिक जागरूकता अभियान
इस सात दिवसीय ग्रामीण शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने ग्रामवासियों को स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया। शिविर में स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान, महिला सशक्तिकरण से जुड़े संवाद और वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का सफल संचालन और आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक लवकुश यादव ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि शिविर सह-अधिकारी प्रो. संगीता शर्मा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस शिविर से न केवल स्वयंसेवकों को सामाजिक कार्यों का अनुभव मिला, बल्कि ग्रामवासियों को भी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
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