उम्दा शायरी से रोशन हुई श्री श्री साहित्य सभा की अदबी निशस्त
इंदौर (सैयद रिजवान अली)। फरवरी माह का अंतिम रविवार शायरी और कविता के नाम रहा। मौका था श्री श्री साहित्य सभा के ज़ेरे एहतिमाम आयोजित काव्य गोष्ठी और अदबी निशस्त का। फूटी कोठी सभागार में लगभग तीन घंटे तक कवियों और शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम और रचनाओं से समां बांध दिया।
निशस्त की अध्यक्षता इसरार मोहम्मद ख़ान ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में अजय ढींगरा, जगदीश पचौरी और वासिफ़ काज़ी मौजूद रहे। कार्यक्रम में रामचंद्र अवस्थी, दिलीप मांडलिक, नरेंद्र उपाध्याय, संतोष त्रिपाठी, मनोहर लाल सोनी, वंदना मौर्य और कृष्णा जोशी ने काव्य पाठ किया। सभी ने अपने-अपने अंदाज़ में रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
राखी जैन ने ताज़गी भरे अशआर पढ़े, वहीं वंदना मौर्य की रचनाओं को भी खूब सराहना मिली। अजय ढींगरा ने शायरी से दाद हासिल की, उनकी ग़ज़लों की रदीफ़ को खूब वाहवाही मिली। रामचंद्र अवस्थी ने मां शारदा की वंदना में रचना पढ़ी, जिसने सभागार में सभी को प्रभावित किया।
वासिफ़ काज़ी की ग़ज़लों के शेर श्रोताओं के दिलों पर असर छोड़ते हैं। आसान लफ्ज़ों में गहराई लाने की उनकी कला इस महफ़िल में भी क़ामयाब रही और उन्हें खूब सराहना मिली। कार्यक्रम के अंतिम चरण में चकोर चतुर्वेदी ने बेहतरीन अशआर पढ़े और श्रोताओं को अदब व अरूज़ की बारीकियों से परिचित कराया। कार्यक्रम के समापन पर जगदीश पचौरी ने कविता सुनाई और सभी का आभार व्यक्त किया।
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