युगांडा, कजाकिस्तान समेत आधा दर्जन देश अपनाएंगे भोपाल मॉडल, अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर इम्तियाज करेंगे अगुवाई
✍️खान आशु
भोपाल। राजधानी भोपाल के बाशिंदे सैयद इम्तियाज अली लंबे समय से कचरा और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर मेहनत कर रहे हैं। उनके तैयार किए गए मॉडल को देश के कई हिस्सों में सराहा गया और इसको स्वीकारा गया है। भोपाल से निकले इस पर्यावरण सहेजने के मॉडल को अब दुनिया के कई देश अपनाने को आतुर हैं। जल्दी ही इन देशों के प्रतिनिधि भोपाल आकर इस नायाब प्रोजेक्ट का भौतिक अवलोकन करेंगे। इसके बाद सैयद इम्तियाज अपने अनुभव और आविष्कार से रूबरू कराने के लिए इन देशों की यात्रा करेंगे।
13 देशों के विषय विशेषज्ञों ने की भागीदारी
पैकेजिंग इंडस्ट्री से उत्सर्जित होने वाले अपशिष्ट के सतत अपशिष्ट प्रबंधन पर भारतीय पैकेजिंग संस्थान उद्योग का आयोजन दिल्ली में आयोजित किया गया। भारत सरकार मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में युगांडा, इथोपिया, श्रीलंका तंजानिया, तजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, चिली, मैक्सिको सहित 13 देशों के विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान भारत में विभिन्न नियम, जो कचरा प्रबंधन को लेकर बने हैं, उनकी जानकारी और ग्रास रूट पर किस प्रकार से पैकेजिंग इंडस्ट्री से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन और उसका वैज्ञानिक निष्पादन हो रहा है, को लेकर तकनीकी प्रस्तुतिकरण दिया गया। सैयद इम्तियाज ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि कचरे से किस प्रकार से 8 करोड़ लोगों को भारत देश में रोजगार देने की तैयारी है। इम्तियाज अली ने बताया कि 19 प्रकार के कचरे को किस प्रकार पृथक्करण पुनः चरण कर उसका उपयोग रोड निर्माण विभिन्न उत्पाद बनाने में ऊर्जा बनाने में किया जा रहा है। भारत देश में असंगठित वर्ग कचरा बिनने वालों की कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाकर उनके माध्यम से इस परियोजना को देश के समस्त 5000 शहरों में 2027 तक लागू किया जाएगा। जिससे इस क्षेत्र में कार्य लोगों के रोजगार में विकास होगा और वह संगठित होकर सरकार के साथ कार्य कर पाएंगे।
इम्तियाज करेंगे अगुवाई
युगांडा, कजाकिस्तान एवं अन्य देशों के लोगों ने इस भोपाल मॉडल को अपने देश में लागू करने के लिए सहमति दी है। शीघ्र ही हो इन कार्यों के प्रस्तुतीकरण हेतु इम्तियाज अली को अपने देश में आमंत्रित करेंगे। इस हेतु शीघ्र ही भारत सरकार से उपरोक्त देश के राजदूत संपर्क करेंगे।
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