न रंग से टकराव, न दुआओं में रुकावट –सिंघाना में दिखा गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत जश्न
- जब सप्तमी होली और रमजान का जुम्मा मिले प्यार से, तो बिखरा इंसानियत का रंग
मनावर|✍️ सैयद रिजवान अली
मनावर के ग्राम सिंघाना में इस वर्ष शीतला सप्तमी का रंगोत्सव और रमजान का तीसरा जुम्मा एक ही दिन होने के बावजूद माहौल पूरी तरह सौहार्द्रपूर्ण, शांतिपूर्ण और भाईचारे से भरा रहा। गांव के हृदय स्तंभ के पास जहां एक ओर होली की रंगारंग धूम रही, वहीं दूसरी ओर तय समय पर रमजान की जुम्मे की नमाज भी पूरी श्रद्धा और सुकून से अदा की गई। रंगों से सराबोर चेहरे और सफेद कुर्ता-पायजामा पहने नमाजी एक ही क्षेत्र में एक साथ नजर आए, लेकिन कहीं कोई तनाव या अव्यवस्था नहीं दिखी।
सिंघाना में वर्षों से यह मिसाल कायम है कि त्योहार चाहे कोई भी हो, लोग मिल-जुलकर उसे मनाते हैं। इस बार भी रंगों की बौछार के बीच इबादत की पाकीज़गी महसूस की गई। प्रशासनिक सतर्कता भी सराहनीय रही—सिंघाना चौकी प्रभारी प्रकाश सरोदे अपनी टीम के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। मनावर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया था, और मस्जिद व झंडा चौक क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे।
पूरे नगर में चौकी प्रभारी व उनकी टीम की सूझबूझ और सजगता की प्रशंसा की गई। सिंघाना नगर ने इस अवसर पर 'गंगा-जमुनी तहजीब' की एक खूबसूरत मिसाल पेश की, जहां पर्व भी पूरे उल्लास से मनाया गया और नमाज भी पूरी शांति और आस्था के साथ अदा की गई।
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